सावधानी से जियो — अपने लिए, दूसरों के लिए, जो तुम्हें संभाले उसके लिए।
बारह परम्पराएँ, अपने ही शब्दों में।

बारह प्रज्ञा-परम्पराओं का नक्शा: जहाँ वे मिलती हैं, जहाँ वे भिन्न होती हैं, और प्रत्येक अपने शब्दों में क्या संरक्षित करती है।

बारहों परम्पराएँ मानती हैं कि हर व्यक्ति का मूल्य अनुल्लंघनीय है। पर इसके कारण वे कम से कम पाँच ऐसे बताती हैं जिनमें मेल नहीं हो सकता।

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179 सिद्धान्त · 29 साझा विषय · 13 वास्तविक मतभेद

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बारह

परम्पराएँ

एक को उसके अपने शब्दों में पढ़ें।

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29 विषय · 13 भेद

नक्शा

स्वर्ण नियम यहाँ की सबसे मज़बूत सहमति है — बारहों इसे स्वीकारती हैं; पाँच धर्मग्रंथ, लगभग वही वाक्य।

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17 सरोकार · 41 रत्न

दिक्सूचक

सत्रह सरोकार जिन तक परंपराएँ बार-बार पहुँचती हैं।

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"घृणा कभी भी घृणा से शांत नहीं होती: घृणा प्रेम से शांत होती है, यह पुराना नियम है।"

— Dhammapada 5

11 में से उद्धरण 1

हर उद्धरण उसी संस्करण से अक्षरशः है जिसका अंकेक्षण संग्रह करता है — संदर्भ के सहारे उसकी परंपरा तक जाएँ।

बारह परम्पराएँ